Indian Polity for All Competitive Exams (State Level) Part 7

कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध
भारतीय संविधान के भाग 16 के अंतर्गत अनु. 330 से 342 कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध की व्यवस्था की गई है।
अनु. 330 के अनुसार, लोक सभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
अनुच्छेद 331 के तहत लोक सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए प्रावधान किया गया है।
अनुच्छेद 81 में किसी बात के होते हुए भी यदि राष्ट्रपति की यह राय है कि लोक सभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नही है, तो वह लोक सभा में उस समुदाय के दो से अनधिक सदस्य नाम निर्देशित कर सकेगा।
अनुच्छेद 332 के तहत राज्यो की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों के आरक्षण की व्यवस्था है।
अनुच्छेद 333 के तहत, राज्यो की विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व का प्रावधान निहित है।
अनुच्छेद 338 के अनुसार, अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है।
अनुच्छेद 338क के अनुसार अनूसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग (89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा शामिल) के गठन का प्रावधान है।
वर्तमान में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रामशंकर कठेरिया हैं।
अनुच्छेद 340 के तहत राष्ट्रपति, पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्वेषण के लिए आयोगी की नियुक्ति कर सकेगा।
अनुच्छेद 341(1) के तहत राष्ट्रपति किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में संबंधित राज्यपाल से परामर्श के बाद उस राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की किसी जाति को अनुसूचित जाति के रुप में विनिर्दिष्ट कर सकता है।
अनुच्छेद 342 के अनुसार, राष्ट्रपति को संबंधित राज्य के राज्यपालों से परामर्श के बाद किसी जाति को अनसूचित जनजाति के रुप में विनिर्दिष्ट करने का अधिकार है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एक्ट वर्ष 1993 में आया। बाल मजदूर (निषेध संघ  नियामक अधिनियम) वर्ष 1986 मे बना। निःशक्तजन (समान अधिकारिता अधिकार संरक्षण एवं पूर्ण सहभागिता) अधिनियम वर्ष 1995 में आया, जबकि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम वर्ष 1992 में आया।
जातियों के लिए आरक्षण के प्रावधान लोक सभा एवं राज्यों की विधान सभाओं मे किए गए हैं। परंतु राज्य सभा, राज्य विधान परिषदों और जम्मू एवं कश्मीर विधानमंडल मे किसी भी जाति के लिए संविधान में आरक्षण का प्रावधान नही है।
संवैधानिक (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 के तहत अनुसूचित जनजाति का दर्जा धर्मनिष्ठा से स्वतंत्र है तथा इसमे किसी  भी धर्म को मानने वाली जनजाति को शामिल किया जा सकता है। जबकि संवैधानिक (अनुसूचित  जाति) आदेश, 1950 के पैरा-3 के अनुसार, अनुसूचित जातियों मे केवल हिंदू (जिसमें बौध्द एवं सिक्ख भी शामिल  हैं) धर्म के व्यक्ति ही आ सकते हैं, अन्य के नही। रंगनाथ  मिश्र के अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय धार्मिक औ र भाषायी अल्पसंख्यक आयोग (NCRLM) ने इस पैरा को निरस्त किए जाने की संस्तुति की है।
अल्पसंख्यक शब्द भारतीय संविधान में परिभाषित नही है। तथा अल्पसंख्यक आयोग एक संविधानिक निकाय है, न कि संवैधानिक क्यो कि इसका गठन संसद द्वारा पारित राष्ट्रपति अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के द्वारा किया गया है।
सर्वाधिक अनुसूचित जनजातियों वाला प्रदेश, मध्य प्रदेश है। चार राज्यो का घटता हुआ क्रम है – म.प्र., राजस्थान, आंध्र प्रदेश , बिहार।
भारतीय संविधान मे लोक सभा में अनुसूचित जातियो और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था अनुच्छेद 330 मे की गई है जबकि ऐसा ही राज्यों की विधानसभाओं के संदर्भ में अनुच्छेद 332 द्वारा किया गया है।


विविध
सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में अप्रैल से जून, 1945 तक चले सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर को अंतिम रुप दिया गया तथा 26 जून, 1945 को 50 राष्ट्रों ने इस पर हस्ताक्षर किए। पोलैंड इस सम्मेलन मे उपस्थित नही हुआ था तथा बाद में 51वें सदस्य  के रुप में उसने इस पर हस्ताक्षर किए। यह चार्टर 24 अक्टूबर, 1945 से प्रभावी हुआ। इसी कारण इस दिन संयुक्त राष्ट्र महासंघ दिवस मनाया जाता  है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मे कुल 15 सदस्य होते हैं जिनमें 5 स्थायी सदस्य हैं –
संयुक्त राज्य अमेरिका
ब्रिटेन
रुस
फ्रांस
चीन
शेष 10 अस्थायी सदस्य दो वर्ष के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुने जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रजातंत्रीकरण की मांग का संबंध मुख्यतया सुरक्षा परिषद से है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के 5 स्थायी सदस्यो को निषेधाधिकार (वीटो) शक्ति प्राप्त है जिसके प्रयोग से वे किसी निर्णय की स्वीकृति को रोक सकते हैं।
बुतरोस-बुतरोस घाली संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम अफ्रीकी महासचिव थे। इन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के 6वें महासचिव के रुप में 1 जनवरी, 1992 से 31 दिसंबर, 1996 तक कार्य किया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रुप में यू थांट का कार्यकाल सर्वाधिक (1961-71) रहा है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिवों का कार्यकाल का क्रम निम्न है –
त्रिगवे ली (नॉर्वे) – 2 फरवरी, 1946-10 नवंबर, 1952
डॉग हैमरशोल्ड (स्वीडेन) – 10 अप्रैल, 1953 – 18 सितंबर, 1961
यू थांट (म्यांमार) – 30 नवंबर, 1961- 31 दिसंबर, 1971
कुर्त वाल्दीहीम (ऑस्ट्रिया) – 1 जनवरी, 1972 – 31 दिसंबर, 1981
जेवियर पेरेज डी कुइयार (पेरु) – 1 जनवरी, 1982-31 दिसंबर, 1991
बुतरस-बुतरस घाली (मिस्त्र) – 1 जनवरी, 1992 – 31 दिसंबर, 1996
कोफी-अन्नान (घाना) – 1 जनवरी, 1997-31 दिसंबर, 2006
बान-की मून (द. कोरिया) – 1 जनवरी, 2007 –   31 दिसंबर, 2016
एंटोनियो गुटेरेस (पुर्तगाल) – 1 जनवरी, 2017 से वर्तमान तक।
संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्य करने वाली केवल दो भाषाएं – अंग्रेजी तथा फ्रेंच हैं, जबकि मान्यता प्राप्त (अधिकृत) भाषाओं में रुसी, अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच तथा स्पेनी हैं।
8 दिसंबर, 1977 को तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सयुक्त राष्ट्र संघ के अंग, संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार हिंदी में भाषण दिया था तथा इन्होंने वर्ष 2000 मे प्रधानमंत्री के रुप मे भी इस सत्र को हिंदी में संबोधित किया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें उद्घाटन सत्र के दौरान 27 सितंबर, 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। नरेन्द्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के उद्घाटन सत्र को हिंदी मे संबोधित करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री और तीसरे नेता बन गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1988 में पी.वी. नरसिम्हा राव (तत्कालीन विदेश मंत्री) ने संयुक्त राष्ट्र के उद्घाटन सत्र को हिंदी में संबोधित किया था।
यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमैन राइट्स अर्थात मानवाधिकारों की अंतरराष्ट्रीय घोषणा में कुल 30 अनुच्छेद  हैं।


अंतरराष्ट्रीय न्यायालय हेग नीदरलैंड्स (हॉलैंड) मे स्थापित है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र  घोषणा पत्र द्वारा जून, 1945 में की गई थी। इसने अप्रैल, 1946 से कार्य करना प्रारंभ किया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ के छह प्रधान अंगो में पांचवा है, जो न्यूयॉर्क के बाहर स्थित है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल एक विश्वव्यापी मानव अधिकार आंदोलन है। इसकी स्थापना वर्ष 1961 में लंदन के एक बैरिस्टर पीटर बेनेन्सन ने की थी। वर्ष 1961 मे पीटर बेनेन्सन ने विश्व में हो रही अनैतिक गिरफ्तारी के विरोध में द फॉरगाटेन प्रिजनर्स नामक एक लेख लिखा। एमनेस्टी इंटरनेशनल इन्हीं के विचारों का एक मूर्त रुप है। इसका मुख्यालय लंदन में है।
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में निर्वाचित हुए भारतीय न्यायमूर्ति हैं – बी.आर. राउ (1952-53), नगेन्द्र सिंह (1973-88), आर.एन. पाठक (1989-91) एवं वर्तमान मे दलवीर भंडारी (2012-2018)। 20 नवंबर, 2017 को संयुक्त महासभा एवं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने न्यायाधीश दलवीर भंडारी को 9 वर्षीय कार्यकाल (2018-2027) के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का सदस्य पुनर्निर्वाचित किया।
डॉक्टर्स विदाउट बार्डर्स एक गैर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना 20 दिसंबर, 1971 को फ्रांस में की गई थी। इसका मुख्यालय जेनेवा, स्वीट्जरलैंड मे है। इस संस्था का उद्देश्य जाति, धर्म, पंथ या राजनीतिक प्रथिबध्दता के बिना प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं एवं सशस्त्र संघर्ष से पीड़ितों की सहायता करना है। इस संस्था को वर्ष 1999 में शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
10 दिसंबर मानवाधिकार दिवस के रुप में मनाया  जाता है। इसी दिन 1948 मे संयुक्त राष्ट्र  महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) स्वीकार की गई थी। इस दिवस की औपचारिक स्थापना महासभा द्वारा वर्ष 1950 में की गई थी। विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल को, यू.एन. दिवस 24 अक्टूबर को तथा मजदूर  दिवस 1 मई को मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर, 1945 को हुई थी, इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क मे स्थित है। संयुक्त राष्ट्र घोषणा-पत्र के अनुसार, इसके अंग हैं  –
महासभा (General Assembly)
सुरक्षा परिषद (Security Council)
आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (Economic and Social Council)
न्यास परिषद (Trusteeship)
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice)
सचिवालय (Secretriate)
एमनेस्टी इंटरनेशनल विश्व के प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों में से एक है, जिसका मुख्यालय लंदन में है।
भारतीय संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है। भारतीय संविधान 26 नवंबर, 1949 को बन कर तैयार हुआ और इसके कुछ प्रावधान इसी दिन लागू हुए किए गए थे। जिनके फलस्वरुप इस दिन को संविधान दिवस के रुप में मनाया जाता है। जबकि  भारतीय संविधान 26 जनवरी, 1950 को पूर्णरुप से लागू किया गया और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है।
मानव अधिकारों की सर्वव्यापी घोषणा की प्रस्तावना में मानव जाति की जन्मजात गरिमा और सम्मान तथा अधिकारों पर बल दिया गया है। अतः मानव अधिकारों की अवधारण का प्रमुख बल मानव होने के नाते मानव-गरिमा पर है।


अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस 2 अक्टूबर को मनाया जाता है 15 जून, 2007 के दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर के दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया था।
अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था का उदय सर्वप्रथम संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ। इस शासन प्रणाली में प्रमुख कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति के पास होती है। वह लोगों द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से निश्चित अवधि के लिए चुना जाता  है।
CIA World Fact Book के अनुसार, वर्तमान में 22 देशों में अनिवार्य मतदान की व्यवस्था लागू है। ये 22 देश हैं –
अर्जेंटीना
ऑस्ट्रेलिया
बेल्जियम
बोलिविया
ब्राजील
कांगो
कोस्टारिका
डोमिनिकन रिपब्लिक
इक्वाडोर
मिस्त्र
ग्रीस
होंडुरास
लेबनान
लक्जमबर्ग
मेक्सिको
नौरु
पनामा
पराग्वे
पेरु
सिंगापुर
थाईलैंड
उरुग्वे
लिखित संविधान की अवधारणा का जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ। इस प्रकार संयुक्त राज्य अमेरिका का संविधान विश्व का प्रथम लिखित संविधान है।
अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे जनता द्वारा नही चुना जाता है। इसके लिए निर्वाचक मतो का प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक राज्य में निर्वाचक मत होते हैं, जो इस राज्य के सीनेटरों ( सदैव 2) तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के योग के बराबर होते हैं। साथ ही डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलम्बिया (वाशिंगटन डीसी) से 3 सदस्य होते  हैं। इलेक्टोरल कॉलेज अमेरिकी कांग्रेस (प्रतिनिधि सभा + सीनेट) से भिन्न हैं। वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कुल निर्वाचकों की संख्या 538 है।


लैरी प्रेसलर अमेरिका के प्रमुख सीनेटर (संसद सदस्य) थे जिन्होंने अमेरिका द्वारा दी जाने वाली सहायता को परमाणु अप्रसार से जोड़ने के लिए प्रेसलर संशोधन प्रस्तुत किया था। उन्होंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्वारा पाकिस्तान को प्रस्तावित सैन्य सहायता की आलोचना इसी आधार पर की थी कि पाकिस्तान परमाणु विकास एवं प्रसार में संलग्न  है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया में पहली प्राइमरी न्यू हैम्पशायर एवं लोवा राज्य से होती है। जिसके लिए चुनाव राष्ट्रपति चुनाव से लगभग एक वर्ष पूर्व ही हो जाते हैं। पारंपरिक रुप से यहीं से अमेरिकी राष्ट्रपति की  चुनाव प्रक्रिया का प्रारंभ होता है।
रुसी संसद का नाम फेडरल असेंबली है। रुसी संसद के निचले सदन को ड्यूमा कहते हैं, जबकि उच्च सदन को फेडरेशन काउंसिल/काउंसिल ऑफ दि फेडरेशन कहते  हैं।
CIA – Central Intelligence Agency संयुक्त राज्य अमेरिका (S.A.) की आसूचना ( गुप्तचर) एजेंसी है।
तास पूर्व सोवियत संघ रुस की समाचार एजेंसी थी। सोवियत संघ के विघटन के पश्चात इस वर्ष 1992 में इनफॉर्मेशन टेलीग्राफ एजेंसी ऑफ रुस (ITAR-TASS) मे समाहित कर दिया गया.
संसदीय शासन प्रणाली सर्वप्रथम ब्रिटेन में विकसित हुई। भारत की संसदीय शासन पध्दति ब्रिटेन के संविधान से ली गई है। इस व्यवस्ता मे राजा या राष्ट्रपति की नाममात्र की सत्ता होती है तथा प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के पास वास्तविक कार्यकारी शक्तियां होती हैं।
फ्लीट स्ट्रीट, फ्लीट नदी के नाम पर लंदन की एक गली है, जहां से 1980 के दशक तक अधिकांश ब्रिटिश समाचार-पत्र छपते रहे थे। वर्ष 2005 मे यहां से हटने वाला ब्रिटिश समाचार एजेंसी रायटर्स का ऑफिस आखिरी प्रमुख समाचार ऑफिस था।
चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के नाम से जाना जाता है। इसमें वर्तमान में 2987 सदस्य हैं तथा यह विश्व की सबसे बड़ी संसद है। परंतु वास्तव में यह लगभग रबर स्टांप विधायिका  है, जो कि सामान्यतः चीन की काम्युनिस्ट पार्टी के निर्णयों पर मुहर लगाती है।
विदेश में सर्वप्रथम भारत महोत्सव वर्ष 1982 में ब्रिटेन में आयोजित हुआ था।
चीन के राजनैतिक नेतृत्व को प्रिंसलिंग नाम से जाना जाता है क्योकि शासक कम्युनिस्ट पार्टी में पदानुक्रम में सर्वोच्चता निर्धारित होती  है।
न्यू चाइना न्यूज एजेंसी चीन की समाचार एजेंसी है।
ISI – Inter Services Intelligence पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था है।
प्रेसलर संशोधन के द्वारा अमेरिकी सहायता को आणविक क्षमता के विकास से जोड़ा गया, चकमा शरणार्थी भार में बांग्लादेशी शरणार्थी  हैं, पेरेस्त्रोइका पूर्व सोवियत संघ के अंतिम राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचोव की आर्तिक पुनर्निर्माण की नीति थी तथा 13 सितंबर, 1993 को  इस्त्राइल – फिलीस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के बीच समझौता हुआ था।
डॉन पाकिस्तान का प्रमुख समाचार पत्र है।
भारत, श्रीलंका एवं संयुक्त राज्य अमेरिका सहित विश्व के कई देशों ने लिट्टे (LTTE) को प्रतिबंधित किया था। वर्ष 2009 में श्रीलंकाई सेना ने लिट्टे के विरुध्द भारी अभियान चलाया जिसमें लिट्टे प्रमुख बी. प्रभाकरण की मृत्यु हो गई।
मोसाद इस्त्राइल का सरकारी गुप्तचर संगठन है जिसे फिलीस्तीन तथात खाड़ी देशों मे अत्यंत खतरनाक संगठन माना जाता है।
सर्वप्रथम सितंबर, 1959 में पं. जवाहरलाल नेहरु ने अफगानिस्तान की यात्रा की थी। इसके पश्चात इंदिरा गांधी ने वर्ष 1976 में तथ मनमोहन सिंह ने अगस्त, 2005 तथा पुनः मई 2011 मे इस देश की यात्रा की।


संसद का नाम देश
डायट                                      जापान
रिक्सडेग                                 स्वीडन
कोर्टेज                                     स्पेन
सेजिम                                    पोलैंड
येलो बुक फ्रांस सरकार की सरकारी रिपोर्ट है।
पंचशील का अर्थ है – व्यवहार या आचरण के पांच नियम। पंचशील के पांच सिद्दांत निम्न हैं –
एक-दूसरे के भू-क्षेत्रीय अखंडता तथा प्रभुसता का पारस्परिक सम्मान
अनाक्रमण
एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना
परस्पर लाभ तथा समानता एवं
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व।
गुट निरपेक्षता स्वयं में पंचशील का सिध्दांत नही है। बल्कि गुटनिरपेक्षता की  नीति पंचशील के सिध्दांतों पर आधारित हैं।
आत्महत्या ऐसा अपराध है, जिसके पूर्ण होने पर अपराधी दंडित नही किया जा सकता, क्योकि उसका जीवित अस्तित्व नही रहता है, जबकि इसका प्रयास  दंडनीय अपराध है (भारतीय दंड संहिता की धारा 309 मे वर्णित)।
भारत का राष्ट्रपति- निष्ठापूर्वक कर्तव्य एवं संविधान के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ लेता है।
सर्वोच्च न्यायालय का जज – संविधान एवं विधि की मर्यादा बनाए रखने एवं संविधान के प्रति श्रध्दा एवं निष्ठा की शपथ लेता है।
संसद सदस्य – कर्तव्य के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ लेते हैं।
संघ का मंत्री – सूचना की गोपनीयता की शपथ लेता है। राष्ट्रपति की शपथ का वर्णन अनुच्छेद 60 में किया गया है। जबकि अन्य तीनों की शपथ का उल्लेख तीसरी अनुसूची में किया गया है।
प्रेस (मीडिया) राष्ठ्र निर्माण मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अतः इसे लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ की संज्ञा दी जाने लगी है।
वे अधिकार जिनका संविधान के प्रावधानों में वर्णन नही है तथा अन्य रुप से वर्णित होते हैं, संविधानेत्तर अधिकार कहलाते हैं। यथा योजना आयोग का संविधान में कोई वर्णन नही मिलता अपितु मंत्रिमंडल के संकल्प द्वारा इसे बनाया गया है, फिर भी यह केन्द्र तथा राज्यों के मध्य अनुदानों के वितरण एवं योजनाओं के निर्माण मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिला दंडनायक के रुप में जिला कलेक्टर की शक्तियों के अंतर्गत कानून व्यवस्था बनाए रखना, पुलिस पर नियंत्रण रखना एवं विदेशियों के पारपत्रों की जांच करना आदि कार्य निहित है। जबकि भू-राजस्व एकत्र करने की शक्ति का प्रयोग जिलाधिकारी जिला कलेक्टर की हैसियत से करता है।


इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आरबिट्रेशन के पूर्व सदस्य सरोश जईवाला प्रख्य़ात विधि विशषज्ञ हैं। श्री जई वाला लंदन स्थित, 1982 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय विधि कंपनी जईवाला एंड कंपनी के मुख्य साझेदार हैं।
अंतरराष्ट्रीय युध्द प्रतिरोधक एक अंतरराष्ट्रीय युध्द विरोधी संगठन है, जिसमें 30 से अधिक देश संबध्द हैं। इसका मुख्यालय लंदन, यू.के. में है। इसकी स्थापना वर्ष 1921 में बिल्थोवेन नीदरलैंस मे हुई। इस संगठन के अध्यक्ष के रुप में नारायण देसाई को (1989-1991) नियुक्त किया गया था। इस संगठन ने वर्ष 1931 में Broken Rifle को प्रतीक चिन्ह के रुप में अपनाया। इसके वर्तमान अध्यक्ष क्रिस्टीन स्वीट्जर वर्ष 2014 से हैं।
भारत का उपराष्ट्रपति           –      राज्य सभा
भारत का नियंत्रक  एवं महालेखापरीक्षक       –     लोक लेखा समिति
भारत का महाधिवक्ता                        –      उच्चतम न्यायालय
भारत का महान्यायवादी                      –     लोक सभा की  बैठक
नगेन्द्र सिंह फरवरी, 1985 से फरवरी, 1988 के मध्य अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अध्यक्ष रहे थे। ए.एन. राय 26 अप्रैल, 1973 को भारत के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। आर. के. त्रिवेदी 18 जून, 1982 से  31 दिसंबर, 1985 तक भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त रहे, अशोक देसाई भारत के महान्यायवादी रह चुके हैं।
सीमा प्रबंधन विभाग गृह मंत्रालय के अधीन है।
जून, 2009 में सृजित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के प्रथम महानिदेशक श्री नंदन नीलेकनी नियुक्त किए गए थे। वर्तमान में आर.एस. शर्मा अध्यक्ष हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत वर्तमान में 2 विभाग हैं –
स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग
उच्चतर शिक्षा विभाग
उच्चतर शिक्षा विभाग के अंतर्गत ही तकनीकी शिक्षा विभाग उपविभाग के रुप में शामिल है। महिला और बाल विकास विभाग वर्ष 1985 में मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत ही स्थापित किया गया था किंतु 30 जनवरी, 2006 से यह  स्वतंत्र मंत्रालय के रुप में अस्तित्व मे है।
खाद्य और पोषण मंडल (Food and Nutrition Board- FNB) जिसकी स्थापना वर्ष 1964 में की गई थी, प्रारंभ में खाद्य एवं कृषि मंत्रालय के अधीन था। वर्ष 1993 में यह महिला एवं बाल विकास विभाग (2006 से मंत्रालय) के अधीन कर दिया गया  जो कि तब मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन था।
36वें संविधान संशोधन, 1975 के द्वारा सिक्किम को भारत का अभिन्न अंग बना लिया गया। इसे वनस्पति शास्त्रियों का स्वर्ग माना जाता है, क्योंकि यह पूर्वी हिमालय के  हाटस्पाट क्षेत्र में आता है, जो जैव विविधता से परिपूर्ण है यहां के मुख्य निवासी लेप्चा, भूटिया और नेपाली लोग हैं।
भारत के संविधान के स्वरुप का वर्णन विभिन्न प्रकास से किया गया है। इसे अर्ध्द परिसंघीय तथा एकात्मक परिसंघीय का अद्भुत समन्वय तथा संघात्मक कहा जाता  है।


राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी की स्थापना जुलाई, 1982 मे की गई थी। इसका उद्देश्य जल संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग के लिए जल स्थानांतरण संपर्कों का विकास करना है। सितंबर, 1990 में राष्ट्रीय जल बोर्ड का गठन किया गया।
भारतीय प्रेस काउंसिल एक अर्ध्दन्यायिक-वैधानिक संस्था है जिसकी स्थापना वर्ष 1966 मे संसद द्वारा की गई थी।
शिमला समझौता भारत और पाकिस्तान के मध्य 2 जुलाई, 1972 को, शांति, मित्रता एवं सहयोग की भारत-सोवियत संधि 9 अगस्त, 1971 को, फरक्का समझौता भारत और बांग्लादेश के मध्य अंतरिम रुप से वर्ष 1975 में तथा अंतिम रुप से 12 दिसंबर, 1996 को और  ताशकंद समझौता भारत और पाकिस्तान के मध्य 10 जनवरी, 1966 को हस्ताक्षरित हुआ था।
यू.एन. द्वारा वर्ष 1975 को अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष के रुप में मनाया गया।
9 जुलाई, 2011 को विश्व के नवीनतम एवं 193वें देश के रुप में दक्षिणी सूडान का जन्म हुआ। इसकी वर्तमान राजधानी जुबा है।
अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस 3 दिसंबर को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1981 को अंतरराष्ट्रीय विकलांग वर्ष के रुप में घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 13 दिसंबर 1992 से प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस को मनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। वर्तमान में विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 15 प्रतिशत जनसंख्या विकलांगता से ग्रसित है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थी। इन्होंने वर्ष 1917 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के 32वें अधिवेशन की अध्यक्षता की थी, जबकि मैडम कामा जर्मनी के स्टुटगार्ट नगर में 22 अगस्त, 1907 को हुई अंतरराष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस में तिरंगा फहराने के लिए प्रसिध्द है।
यूरोपियन यूनियन देशों में से फिलीस्तीन राज्य को अधिकारिक मान्यता प्रदान करने वाला प्रथम देश स्वीडन है। अक्टूबर, 2014 में स्वीडन द्वारा फिलीस्तीन राज्य को आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई।  30 सितंबर, 2015 को पहली बार  न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय पर फिलीस्तीन का ध्वज लगाया  गया।
जवाहर लाल नेहरु ने अंतरिम प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद जिस विदेश नीति की घोषणा की थी वह तटस्थता पर आधारित थी, अर्थात गुटो की राजनीति से दूर रहना और स्वतंत्र नीति का विकास करना।
सिरिमाओ भंडारनायके किसी देश की सर्वप्रथम महिला प्रधानमंत्री थी। सिरीमाओ भंडारनायके वर्ष 1960 में श्रीलंका की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनने के साथ ही विश्व की किसी भी देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनीं थी। श्रीलंका फ्रीडम पार्टी के सदस्य के रुप में श्रीलंका के प्रधानमंत्री के तौर पर इनके तीन कार्यकाल क्रमशः 1960-65, 1970-77, 1994-2000 रहे।
लक्ष्मीमल सिंघवी समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 8 जनवरी, 2002 को यह घोषणा की कि प्रति वर्ष 9 जनवरी (महात्मा गांधी के द. अफ्रीका से  भारत वापस आने का दिन) को प्रवासी  भारतीय दिवस (PBD) मनाया जाएग। इसके बाद वर्ष 2003 से प्रति वर्ष यह सम्मेलन  आयोजित किया जा रहा है।
आर्कटिक परिषद एक उच्चस्तरीय अंतर्सरकारी फोरम है, जिसका गठन वर्ष 1996 में ओट्टावा घोषणा-पत्र मे अमेरिका, रुस, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और कनाडा जैसे आठ देशों की सदस्यता के साथ किया गया था। यह परिषद आर्कटिक क्षेत्र में नीति-निर्धारण और समन्वय का महत्वपूर्ण कार्य करती है, जो इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस परिषद के स्थायी पर्यवेक्षक 12 राष्ट्रों में भारत और जापान भी शामिल हैं। इसकी चेयरमैनशिप, जो प्रत्येक दो वर्ष पर परिवर्तित होती  है। वर्ष 2015 से 2017 तक अमेरिका इसका चेयरमैन है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार की सार्वभौम घोषणा, 1948 के अनुच्छेद 1 से 21 तक के उल्लिखित अधिकारों को प्रथम पीढ़ी के मानव अधिकार समझा जाता है, जबकि अनुच्छेद 22 से 27 तक उल्लिखित अधिकारों को द्वितीय पीढ़ी के मानवाधिकार माना जाता है। अनुच्छेद 23 मे काम का अधिकार एवं  अनुच्छेद 26 में शिक्षा का अधिकार, मानवाधिकार कहा गया है।
राज्य सचिवालय के प्रशासन मे मंत्रिमंडल को जाने वाली सभी नस्तियां मुख्य सचिव के माध्यम से भेजी जानी आवश्यक हैं क्योकि वह मंत्रिमंडल के समक्ष आने वाले कार्यों का प्रभारी होता है। इसके अतिरिक्त वह सामान्य प्रशासन विभाग में शासन का सचिव है तथा शासन के समस्त सचिवों का प्रमुख होता है।
चेचन्या रुस का एक गणतंत्र है। यह उत्तरी कॉकेशस मे पूर्वी यूरोप के दक्षिणी भाग में कैस्पियन सागर से 100 किमी. दूरी पर स्थित है।
रजनी कोठारी ने अपनी पुस्तक पॉलिटिक्स इन इंडिया में जिलाधीश को संस्थागत करिश्मा का था।
वैज्ञानिक समाजवाद का श्रेय कार्ल मार्क्स को  जाता है। कार्ल मार्क्स ने समाजवाद को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया। कार्ल मार्क्स को वैज्ञानिक समाजवाद के साथ-साथ साम्यवाद का जनक भी कहा जाता है।
वर्ष 2003 के अंत में उत्तराखंड सरकार ने गोरखाओं सहित दो अन्य समुदायों को अन्य पिछड़े वर्ग का दर्जा प्रदान किया था।


बिहार में वर्ष 1967 से 1971 के मध्य नौ बार गठबंधन सरकारों का गठन हुआ, जो निम्नवत है –
मुख्यमंत्री                        कार्यकाल
महामाया प्रसाद सिन्हा 5 मार्च, 1967 से 28 जनवरी, 1968 तक
एस.पी. सिंह 28 जनवरी, 1968 से 31 जनवरी, 1968 तक
बी.पी. मण्डल 31 जनवरी, 1968 से 22 मार्च, 1968 तक
भोला पासवान शास्त्री 22 मार्च , 1968 से 25 जून, 1968 तक
सरदार हरिहर सिंह 26 फरवरी से 12 जून, 1969 तक
भोला पासवान शास्त्री 22 जून से 4 जुलाई, 1969 तक
दारोगा प्रसाद राय 16 फरवरी से 22 दिसंबर, 1970 तक
कर्पूरी ठाकुर 22 दिसंबर, 1970 से 1 जून, 1971 तक
भोला पासवान शास्त्री 2 जून, 1971 से 9 जनवरी, 1972 तक
उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार संसद में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सांसदों को दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 से की गई। मुरली मनोहर जोशी (2009), अरुण जेटली (2010), कर्ण सिंह (2011) तथा शरद यादव (2012) को यह पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
वाद           विषय
ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य                –     निवारक अवरोध की प्रक्रिया
रोमेश थापर बनाम मद्रास राज्य   –      स्वतंत्र भाषण पर रोक
शंकरी प्रसाद बनाम भारतीय संघ          –     संविधान संशोधन की संसद की शक्ति
चम्पकम दोराइराजन बनाम मद्रास संघ -शिक्षण संस्थानों मे  प्रवेश हेतु समानता
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सेवाएं उपलब्ध कराता है साथ ही यह राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश एवं वित्तीय अनुदान प्रदान करता  है।
एशियाई विकास बैंक का इंडिया रेजिडेंट मिशन, नई दिल्ली में अवस्थित है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आंतरिक सुरक्षा अकादमी माउंट आबू में स्थापित की गई है।
सीमा सुरक्षा बल का गठन 1 दिसंबर, 1965 में किया गया, जो भारत तथा पडोसी देशो के सीमाओं पर तैनात किए जाते हैं। इसका मुख्यालय नई दिल्ली है।
बंगलुरु में प्रथम विधि विश्वविद्यालय नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, केरल के कोच्चि में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज स्थित है,  जबकि त्रिवेंद्रम  (तिरुवनंतपुरम) में विधि विश्वविद्यालय स्थि नही है।
भारत के प्रथम विधि विश्वविद्यालय नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया की स्थापना अगस्त, 1887 में बंगल्रुरु में की गई थी।


भारतीय थल सेना की ऑपरेशनल कमांड्स को जून, 1999 के अनुसार, 5 भागों में बांटा गया था, जो वर्तमान में 6 हैं। ये इस प्रकार हैं –
कमान/क्षेत्र                              मुख्यालय
उत्तरी                                       ऊधमपुर (जम्मू एवं कश्मीर)
दक्षिणी                                    पुणे
मध्यवर्ती                                 लखनऊ
पूर्वी                                         कोलकाता
पश्चिमी                                  चंडी मंदिर, चंडीगढ़
दक्षिणी-पश्चिमी                      जयपुर, (15 अगस्त, 2005 से क्रियाशील)
इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण कमांड का मुख्यालय शिमला में है।
भारतीय सेना में विभिन्न पदों की श्रेणियां इस प्रकार है –
थल सेना
वायु सेना
नौ सेना
जनरल
एयर चीफ मार्शल
एडमिरल
लेफ्टिनेंट जनरल
एयर मार्शल
वाइस एडमिरल
मेजर जनरल
एयर वाइस  मार्शल
रियर एडमिरल
ब्रिगेडियर
एयर कमोडोर
कमोडोर
कर्नल
ग्रुप कैप्टन
कैप्टन
लेफ्टिनेंट कर्नल
विंग कमांडर
कमांडर
मेजर
स्क्वाड्रन लीडर
लेफ्टिनेंट कमांडर
कैप्टन
फ्लाइट लेफ्टिनेंट
लेफ्टिनेंट
लेफ्टिनेंट
फ्लाइंग ऑफिसर
सब लेफ्टिनेंट


दक्षिणी वायु सेना का कमान तिरुवनंतपुरम, केरल में स्थित है। पूर्वी नौसेना कमान आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में अवस्थित है। आरमर्ड कोर सेंटर एंड स्कूल अहमदनगर, महाराष्ठ्र में स्थित है। आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एंड स्कूल लखनऊ, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
बाबा आम्टे वन्य-जीव संरक्षण तथा नर्मदा बचाओं आंदोलन से जुड़ थे। शांत घाटी आंदोलन के संदर्भ में डॉ. सलीम अली का नाम चर्चित रहा था।
लश्कर –ए-तैयबा दक्षिण एशिया में एक सक्रिय आतंकवादी संगठन है। यह हाफिज मुहम्मद सईद और जफर इकबाल द्वारा वर्ष 1990 में अफगानिस्तान के कुनार राज्य में स्थापित किया गया था।
ऑपरेशन चेकमेट – श्रीलंका
ऑपरेशन कैक्टस – मालदीव
ऑपरेशन ब्लू स्टार – पंजाब
ऑपरेशन सिध्दार्थ – बिहार
भारत-श्रीलंका समझौते (1987) में श्रीलंका की अखंडता को बनाए रखने की बात की गई थी। तमिल राज्य की पूर्ण स्वतंत्रता का इसमे कोई उल्लेख नही था।
बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय आदर्श वाक्य  आल इंडिया रेडियो का  है।
शेख मुजीबुर्रहमान की पश्चिमी पाकिस्तान में गिरफ्तारी के फलस्वरुप पूर्वी पाकिस्तान में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों को दबाने से भारत में लाखों शरणार्थी आ गए। इस कारण 3 दिसंबर, 1971 को भारत ने  बांग्लादेश की जनता की ओर से हस्तक्षेप किया। 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तानी सेना ने बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया और पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र राष्ट्र बांग्लादेश के रुप में स्थापित हुआ। शेख मुजीबुर्रहमान इसके पहले प्रधानमंत्री बने।